पार्किंग बनवाकर करवाना होगा शेष जमीन का नक्शा पास

आढ़त कारोबारियों से चर्चा में सबसे बड़ा मुद्दा अधिग्रहण के बाद बची जमीन को लेकर रहा। एमडीडीए ने कहा, भूमि अधिग्रहित करने के बाद भवन या दुकान स्वामी के पास 30 वर्ग मीटर या इससे कम जगह बची तो उसे जमीन के मालिक को लोनिवि के नाम रजिस्ट्री करानी होगी। इससे अधिक जगह बचने पर नया नक्शा पास कराकर निर्माण कराया जा सकता है।

इस पर व्यापारियों ने राहत की मांग की, तो एमडीडीए ने कहा कि अगर किसी व्यापारी को अपनी शेष जमीन एमडीडीए को देनी है, तो प्राधिकरण भूस्वामी को इसके बदले मुआवजा या जमीन देने को तैयार है।

एमडीडीए उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा, सरकार सैकड़ों करोड़ रुपए सिर्फ आढ़त बाजार के जाम को खत्म करने के लिए खर्च कर रही है, आढ़त बाजार शिफ्ट होने के बाद दोबारा इस रोड पर कोई थोक कारोबार करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। वहीं अगर कोई व्यक्ति अन्य व्यवसायिक कार्य करना चाहता है तो उसे अपने प्लाॅट में पार्किंग के लिए जगह छोड़कर नया नक्शा पास कराना होगा। 30 वर्गमीटर तक के प्लाॅट में एक कार और इससे अधिक बड़े प्लाट में इसके गुणांक में पार्किंग की जगह छोड़नी होगी। उन्होंने कहा, अगर कोई पार्किंग की जगह नहीं छोड़ना चाहता है तो वह अपने प्लाॅट को आवासीय प्रयोग में लेकर उसे आवासीय में दर्ज करा सकता है।
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