विधानसभ चुनाव 2022:उत्तराखंड के असल मुद्दे प्रचार से बाहर,कांग्रेस-बीजेपी भी मु्द्दों को भूले

विधानसभा चुनाव प्रचार के लिए अब महज चार दिन बाकी हैं। लेकिन प्रचार में कहीं भी राज्य के असल मुद्दों की चर्चा नहीं सुनाई दे रही है। राज्य गठन के बाद से ही उत्तराखंड लगातार स्वास्थ्य, शिक्षा, संचार, यातायात और सड़क जैसी मूलभूत समस्याओं से जूझ रहा है। राज्य का लगभग हर दसवां मतदाता बेरोजगार है।

रोडवेज की बसें पहाड़ पर अब गिनती की रह गई हैं। इन समस्याओं का समाधान कैसे करेंगे, चुनाव में इसकी ज्यादा चर्चा नहीं हो रही है। भाजपा हो या फिर कांग्रेस, प्रचार में आरोप-प्रत्यारोप की नकारात्मक राजनीति करते नजर आ रहे हैं और ज्यादातर हवाई मुद्दे ज्यादा हावी हैं।

राज्य में कमजोर स्वास्थ्य सेवाएं किसी से छिपी नहीं हैं। कोरोनाकाल हो या उससे पहले का समय, प्रदेश में बड़ी संख्या में लोग स्वास्थ्य सेवाओं की कमी से जूझ रहे हैं। तमाम अस्पतालों में डॉक्टर नहीं हैं और यदि हैं भी तो वहां इलाज की पर्याप्त सुविधाएं नहीं हैं। उत्तराखंड में लंबे समय से हेली एम्बुलेंस सेवा की बातें हो रही हैं लेकिन यह सेवा भी अभी तक पूरी तरह धरातल पर नहीं उतर पाई है। इसके बावजूद चुनावों में स्वास्थ्य सेवा प्रमुख मुद्दा नहीं है। इस विषय की ज्यादा चर्चा भी नहीं हो रही।

Leave A Reply

Your email address will not be published.