देहरादून ब्यूरो –कभी भालू के हमले के सामने डटकर मुकाबला किया तो कभी उफनती नदी में जान जोखिम में डालकर दूसरे की जिंदगी बचाई। उत्तराखंड के छह बच्चों ने अपनी बहादुरी और सूझबूझ से मिसाल पेश की है। इनके साहस को आज सम्मानित किया गया।केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को परेड ग्राउंड में प्रदेश के छह बच्चों को प्रथम मुख्यमंत्री राज्य बाल वीरता पुरस्कार से सम्मानित किया। अलग-अलग परिस्थितियों में अदम्य साहस और सूझबूझ का परिचय देने वाले बच्चों को पदक और प्रशस्ति पत्र प्रदान किए गए। प्रत्येक पुरस्कार विजेता को 51 हजार रुपये की धनराशि भी डीबीटी के माध्यम से उनके बैंक खाते में भेजी गई। महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास विभाग की ओर से वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए पहली बार यह पुरस्कार प्रदान किए गए हैं। राज्य स्तर पर प्राप्त आवेदनों में से छह बच्चों का चयन किया गया। इनमें चमोली के तीन और चंपावत, देहरादून व टिहरी गढ़वाल के एक-एक बच्चे शामिल हैं
भालू से भिड़े, नदी में कूदकर बचाई जान, छह बच्चों को गृहमंत्री और सीएम ने दिया बाल वीरता पुरस्कार
