
ऋषिकेश: गुमानीवाला स्थित नगर निगम के कचरा निस्तारण प्लांट को हटाने की मांग को लेकर स्थानीय ग्रामीणों का विरोध अब सड़कों पर उतर आया है. प्लांट से उठने वाली दुर्गंध और आबादी क्षेत्र में इसके संचालन को लेकर नाराज सैकड़ों ग्रामीणों ने आज रैली निकालकर तहसील पहुंचकर घेराव किया. ग्रामीणों ने प्लांट को आबादी से दूर शिफ्ट करने की मांग उठाते हुए तहसील प्रशासन के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा. साथ ही चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर जल्द सकारात्मक कार्रवाई नहीं की गई, तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा. इसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी.
रैली के दौरान ग्रामीणों ने एकजुट होकर नगर निगम के कचरा निस्तारण प्लांट के खिलाफ आवाज बुलंद की. प्रदर्शनकारियों ने ‘कूड़ा घर हटाना होगा, नहीं तो सरकार को जाना होगा’ जैसे नारे लगाकर अपना विरोध दर्ज कराया. ग्रामीणों का कहना है कि कूड़ा प्लांट के कारण क्षेत्र में दुर्गंध की समस्या लगातार बनी हुई है, जिससे आसपास रहने वाले लोगों का जनजीवन प्रभावित हो रहा है. उनका आरोप है कि बार-बार शिकायत और मांग उठाने के बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया गया, जिसके चलते अब उन्हें आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ा है.
आंदोलनकारियों का कहना है कि उनकी इस मांग पर गंभीरता से ध्यान नहीं दिया गया. अब स्थिति यह है कि प्लांट से आने वाली दुर्गंध के कारण आसपास के लोगों को अपने घरों में रहना तक मुश्किल महसूस हो रहा है. ग्रामीणों ने कहा कि स्वच्छता और कचरे के उचित निस्तारण की व्यवस्था जरूरी है, लेकिन इसके साथ ही स्थानीय निवासियों के स्वास्थ्य, सुविधा और जीवन की गुणवत्ता का भी ध्यान रखा जाना चाहिए.
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि कचरा निस्तारण प्लांट को लेकर लंबे समय से असंतोष बना हुआ है. इसके बावजूद समस्या का समाधान नहीं होने से लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है. ग्रामीणों का कहना है कि जब उनकी मांगों को संबंधित स्तर पर गंभीरता से नहीं सुना गया, तो उन्हें मजबूर होकर रैली निकालने और तहसील का घेराव करने के लिए सड़क पर उतरना पड़ा.
प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट किया कि उनका मुख्य उद्देश्य कचरा निस्तारण प्लांट को आबादी क्षेत्र से दूर शिफ्ट करवाना है. उनका कहना है कि जब तक इस दिशा में ठोस कदम नहीं उठाए जाते, तब तक उनका विरोध जारी रहेगा. ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की कि उनकी समस्या को केवल ज्ञापन तक सीमित न रखा जाए, बल्कि मौके की स्थिति का आकलन कर समाधान की दिशा में प्रभावी कार्रवाई की जाए.
तहसील प्रशासन को सौंपे गए ज्ञापन के माध्यम से ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री से मामले में हस्तक्षेप करने और कचरा निस्तारण प्लांट को आबादी क्षेत्र से दूर शिफ्ट करने की मांग की. प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर जल्द गौर नहीं किया गया, तो आने वाले दिनों में आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा.
फिलहाल गुमानीवाला में कचरा निस्तारण प्लांट को लेकर ग्रामीणों का विरोध तेज हो गया है. अब देखना होगा कि ग्रामीणों की मांग और लगातार बढ़ते विरोध के बीच प्रशासन तथा नगर निगम की ओर से क्या कदम उठाए जाते हैं और इस समस्या का समाधान किस तरह निकाला जाता है.
