पिथौरागढ़(ब्यूरो) । सीमांत जिले में लंबे समय से बंद सड़कें ग्रामीणों की दिक्कत बढ़ाने लगीं हैं। हालात यह हैं कि बीमार ग्रामीणों का इलाज के लिए अस्पताल पहुंचना भी मुश्किल हो गया है। ऐसा ही हुआ होकरा और नामिक के ग्रामीणों के साथ। अब तक सड़क न खुलने से बीमार अस्पताल नहीं पहुंच सके तो स्वास्थ्य विभाग ने होकरा पहुंचकर उन्हें राहत पहुंचाई।स्वास्थ्य विभाग ने तेजम तहसील के दूरस्थ गांव होकरा पहुंचकर स्वास्थ्य शिविर लगाया और 86 लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण कर उन्हें निशुल्क दवा बांटी। सीएमओ डॉ. जेएस चुफाल ने कहा कि सड़क बंद होने से ग्रामीण इलाज और जांच के लिए अस्पताल नहीं आ पा रहे थे। ऐसे में उनकी समस्या को देखते हुए टीम गांव भेजी गई। ग्रामीणों का स्वास्थ्य परीक्षण कर उनके शुगर, बीपी आदि की जांच की गई। टीम में चिकित्साधिकारी डॉ. नीतीश भट्ट, नर्सिंग ऑफिसर पवन रावत, एएनएम कमला शर्मा, सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी कुसुम बेलवाल आदि मौजूद रहे।
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भारी बारिश के कारण नेशनल हाईवे पांच जगह बाधित
ऋषिकेश, ब्यूरो। भारी बारिश के कारण नेशनल हाईवे 58 ऋषिकेश से देवप्रयाग के बीच पांच जगहों पर बाधित हो गया है। मजबूरन प्रशासन को श्रीनगर ओर ऋषिकेश से आने जाने वाले वाहनों को दूसरे मार्गों की तरफ डाइवर्ट करना पड़ा है। नेशनल हाईवे देर रात 11 बजे से बंद है। मार्ग को लोक निर्माण विभाग खोलने की कोशिश में जुटा हुआ है। अन्य पहाड़ो क्षेत्रो में भी भारी बारिश के चलते जनजीवन अस्तव्यस्त हो गया है। इसके साथ ही चमोली ओर रुद्रप्रयाग जनपदों में हो रही बारिश के कारण अलकनंदा नदी के जलस्तर पर भी असर पड़ा है। जलस्तर सामान्य दिनों की तुलना में तेजी के साथ बढ़ रहा है। इससे नदी के आसपास और किनारे रहने वालों लोगों को खतरा पैदा हो गया है। देवप्रयाग थाने से मिली जानकारी के अनुसार नेशनल हाईवे 58 ऋषिकेश और देवप्रयाग के बीच पांच जगहों पर बंद है। मार्ग तीनधारा, रोलीधार, तोताघाटी, सोड पानी, और बछेलिखाल के समीप बंद हो गया है। इन सभी जगहों पर पहाड़ी से भारी बोल्डर आकर नेशनल हाईवे पर गिर गए हैं। इस कारण गढ़वाल की ये लाइफ लाइन बंद हो गयी है। ये हाईवे टिहरी, पौड़ी, रुद्रप्रयाग और चमोली जिलों को जोड़ता है। कर्णप्रयाग से यही हाईवे कुमाऊं के अल्मोड़ा और बागेश्वर जिलों को जोड़ता है। देवप्रयाग थाना प्रभारी एसएचओ देवराज शर्मा ने बताया कि मार्ग देर रात्रि 11 बजे से बंद है। इस कारण श्रीनगर से आने वाले वाहनों को मलेथा टिहरी चंबा होते हुए ऋषिकेश भेजा जा रहा है। टिहरी से आने वाले वाहनों को नरेंद्रनगर, चम्बा, टिहरी और मलेथा से श्रीनगर की तरफ भेजा जा रहा है। उन्होंने बताया कि मार्ग को खोलने के पूरे प्रयास किये जा रहे हैं।
