शोध: हिमालय में मिलीं उपयोगी वनस्पतियां और फफूंद प्रजातियां, पारंपरिक ज्ञान के दस्तावेजीकरण की कमी भी उजागर

 अल्मोड़ा  ब्यूरो इनमें बड़ी संख्या औषधीय पौधों की है। शोध में पूर्वी हिमालय में जैव संसाधनों से जुड़े पारंपरिक ज्ञान के दस्तावेजीकरण की कमी सामने आई है।

सोबन सिंह जीना विश्वविद्यालय और जीबी पंत राष्ट्रीय हिमालयी पर्यावरण संस्थान के संयुक्त शोध में भारतीय हिमालय में 5,409 उपयोगी वनस्पति और फफूंद प्रजातियों की पहचान की गई है। इनमें बड़ी संख्या औषधीय पौधों की है। शोध में पूर्वी हिमालय में जैव संसाधनों से जुड़े पारंपरिक ज्ञान के दस्तावेजीकरण की कमी सामने आई है। शोधार्थियों ने भारतीय हिमालय के 146 जिलों से जुड़े 9,817 रिकॉर्ड और 2,283 शोध पत्रों का अध्ययन किया। उत्तराखंड के चमोली जिले में 160 अध्ययनों में 1,041 प्रजातियां दर्ज हुई हैं। हिमाचल के कुल्लू में 125 अध्ययनों में 629 प्रजातियां मिलीं। उत्तराखंड प्रमुख उपयोग श्रेणियों में आगे रहा जबकि मानव खाद्य के मामले में अरुणाचल प्रदेश में सबसे अधिक विविधता दर्ज की गई। संवाद न्यूज एजेंसी

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