आखिर सड़क खोदने को क्यों मजबूर हैं सकंड के ग्रामीण?
सकंड के ग्रामीण जब आश्वासन से हार गए तो उन्होंने खुद ही सड़क खोद दी। ग्रामीणों ने कहा सड़क के अभाव में कई लोगो ने तो रास्ते में ही दम तोड़ दिया है। पेड़ो के नाम पर जगह जगह पेड़ काटकर सड़क बनाई है। लेकिन हम ग्रामीणों के लिए क्यू वन विभाग अड़ंगा मार रहा है। हम लोगों के लिए कोई सुविधा नहीं है। लोग पानी के आंसू रोते है तो हम खून के आंसू रोते है। एक दवाई के लिए भी ग्रामीणों कों नौ किमी पैदल दूरी तय करनी पड़ती है