देहरादून, ब्यूरो। उत्तराखण्ड क्रांति दल युवा प्रकोष्ठ द्वारा उत्तराखण्ड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग, उत्तराखण्ड लोक सेवा आयोग, विधानसभा में बैकडोर से हुई भर्ती, सहकारी विभाग मे हुए भर्ती घोटाले की सीबीआई जाँच को लेकर इंद्रमणि बडोनी की प्रतिमा के सम्मुख घंटाघर में अनिश्चित कालीन धरना प्रारंभ किया गया। युवा प्रकोष्ठ के निवर्तमान केंद्रीय अध्यक्ष राजेंद्र सिंह बिष्ट ने कहा कि अभी तक की जांच से यह साबित हो चुका है कि इस घोटाले के तार बहुत ऊपर तक है, जिसमे कांग्रेस तथा बीजेपी द्वारा सत्ता मे आने पर उत्तराखण्ड के युवाओं के रोजगार पर बारी बारी से डाका डाला गया, भारतीय जनता पार्टी के जिला पंचायत सदस्य हकम सिंह रावत के पकड़े जाने तथा बीजेपी सरकार मे महत्वपूर्ण मंत्रालयों मे आसीन मंत्रियों के साथ उसकी फोटो यह जाहिर करती है कि जिलाधिकारी के किचन मे भोजन बनाने वाला एक साधारण इंसान करोड़ो अरबो का मालिक बन गया, इसके साथ ही रामनगर से चंदन मनराल जो कि करोड़ो का मालिक है, वह एन जी ओ की आड़ मे इस प्रकार के घोटाले मे पूर्ण रूप से संलिप्त है। बिष्ट ने कहा कि हरीश रावत के मुख्यमंत्री रहने के दौरान दरोगा भर्ती परीक्षा के साथ ही विधानसभा मे भी फर्जी भर्ती के माध्यम से कई नियुक्तियों मे अपने सगे संबंधियों को लगाया गया, इसके बाद बीजेपी सरकार के दौरान पूर्व विधानसभा अध्यक्ष प्रेम चंद्र अग्रवाल के समय मे भी परीक्षाएं घोटाले की भेट चढ़ी थी, जो कि साबित हो चुका है,इस प्रकार से कैबिनेट मंत्री प्रेम चंद्र अग्रवाल जी का नैतिक कर्तव्य बनता है कि वे नैतिक रूप से स्तीफा दे, इसके साथ ही 2015 में हुए दरोगा उसके साक्ष्य भी सामने आ चुके है और यह भी साबित होता है कि दोनों दलों ने अपने कार्यकाल के दौरान उत्तराखण्ड के युवाओं के रोजगार पर किस प्रकार से डाका डाला है। उक्रांद युवा प्रकोष्ठ इस की जाँच सी बी आई से कराने को लेकर सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि इस पर सी बी आई जाँच नहीं बैठती है तो उक्रांद शीघ्र आमरण अनसन के लिए बाध्य होगा जिसकी समस्त जिम्मेदारी धामी सरकार की होगी, उनके पास मौका है कि वो इस घटना की निष्पक्ष रूप से सी बी आई जाँच के आदेश देकर राज्य के युवाओं के हित में कार्य करें। इसके साथ ही विधानसभा घोटालो मे कांग्रेस के शासन काल मे विधानसभा अध्यक्ष रहे गोविंद सिंह कुंज वाल ने भी मात्र आवेदन करने वालो को विधानसभा में बैकडोर से लगाया, उत्तराखण्ड विधानसभा में नौकरियों को रेवड़ी की तरह बाँटने का आलम तो यह है कि देश की सबसे बड़ी विधानसभा वाले राज्य उत्तर प्रदेश को भी पीछे छोड़ दिया गया है, इससे राज्य की जनता अंदाजा लगा सकती है कि जीरो टोलेरेंस का दावा करने वाली धामी सरकार राज्य के युवाओं के भविष्य के साथ किस प्रकार से खिलवाड कर रही है। कार्यक्रम में उक्रांद के पूर्व राज्यमंत्री बी डी रतूड़ी ने कहा कि उत्तर प्रदेश से अलग होकर उत्तराखण्ड राज्य का निर्माण इसलिए किया गया था ताकि यहाँ के युवाओं को रोजगार मिल सके, अन्य सुविधाओ में वरीयता मिल सके, लेकिन आज भी हालात पहले से बदतर हो गए हैं, विभागों मे घोटाले की लिस्ट राज्य के वास्तविक विकास को दर्शाती है,…