देहरादून/हरिद्वार, ब्यूरो। मानव उत्थान सेवा समिति के तत्वावधान में ऋषिकुल कॉलेज मैदान में तीन दिवसीय सद्भावना सम्मेलन के दूसरे दिन अपार जन समुदाय को संबोधित करते हुए सुविख्यात समाजसेवी, राष्ट्र संत व उत्तराखंड सरकार में कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज ने कहा कि अध्यात्म ज्ञान से ही युग परिवर्तन संभव है। जब भारत से आध्यात्म ज्ञान का प्रचार-प्रसार पूरे विश्व में फैलेगा और सकारात्मक परिवर्तन होगा, तभी युग परिवर्तन संभव है। मानव उत्थान सेवा समिति के तत्वावधान में ऋषिकुल कॉलेज मैदान में तीन दिवसीय सद्भावना सम्मेलन के दूसरे दिन बुद्धवार को विशाल जन समुदाय को संबोधित करते हुए सुविख्यात समाजसेवी, राष्ट्र संत व उत्तराखंड सरकार में कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज ने कहा कि कुरुक्षेत्र के मैदान में जब महाभारत का युद्ध होने वाला था। तब अर्जुन भगवान श्रीकृष्ण से करते हैं कि मेरा रथ दोनों सेनाओं के मध्य में ले चलो, मैं देखना चाहता हूं कि कौन-कौन योद्धा यहां लड़ने आया है। जब अर्जुन रथ से उतरकर अवलोकन करते हैं तो कहते हैं कि हे कृष्ण, यह जो मेरे भाई कौरव हैं, गुरुजन हैं, मित्र-रिश्तेदार हैं, मैं इनको मार कर पाप का भागीदार नहीं बनना चाहता हूं, मैं भीख मांग कर जीवन का निर्वाह कर लूंगा लेकिन उनके विरूद्ध युद्ध नहीं करूंगा। वह युद्ध के मैदान में कायरता को प्राप्त हो जाते हैं। तब भगवान श्रीकृष्ण उन्हें आत्मा का क्रियात्मक उपदेश देते हुए कर्तव्यों का बोध करवाते हैं और उन्हें अपने विश्वरूप का दर्शन कराते हैं। भगवान श्रीकृष्ण का विराट रुप देखकर तब अर्जुन कर्तव्य परायण होकर युद्ध करते हैं, फिर उनको विजय प्राप्त होती है। उन्होंने कहा कि जब साधक अपने सद्गुरु से आत्मा का क्रियात्मक ज्ञान लेकर साधना करता हैं तो उसके समस्त विकार, संसय नष्ट हो जाते हैं तथा उसमें सकारात्मक परिवर्तन होता है। सद्भावना सम्मेलन में देश-विदेश से आये लाखों श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए श्री महाराज ने कहा कि देश में बढ़ रही सकारात्मक सोच का ही परिणाम है कि कोविड-19 की त्रासदी में भारत ने कम समय में ही वैक्सीन तैयार करके देशवासियों को मुफ्त वैक्सीन की डोज लगाई, साथ ही अन्य देशों को भी वैक्सीन भेजकर दुनिया को आश्चर्यचकित कर दिया। उन्होंने कहा कि भारत में कोविड-19 का प्रभाव कम जरूर हुआ है, लेकिन सावधानी और सतर्कता अभी भी जरूरी है। उन्होंने आगे कहा कि जिस प्रकार सेना में जो बंदूक चलाने वाला व्यक्ति होता है उसका यही लक्ष्य होता है कि मेरा निशाना सही जगह पर ही लगे, ऐसे ही हमारा लक्ष्य परमपिता-परमात्मा हैं, उसमें हमारा मन लगना चाहिए। हमें अज्ञानी नहीं बल्कि आत्मज्ञानी बनना है। ज्ञानमय कर्म जीवन में करते रहना है। आत्मज्ञानी व्यक्ति तभी बनता है जब वह सत्संग कार्यक्रम में आकर सत्संग को ध्यान से सुनता है। अंत में राष्ट्र संत श्री महाराज ने कहा कि हमारे मन के अंदर गुरु महाराज के प्रति सच्चा प्रेम और सेवा भाव होना चाहिए। इसी में भक्तों का कल्याण है। कार्यक्रम से पूर्व पूज्य माता अमृता रावत, विभु जी महाराज व अन्य विभूतियों का माल्यार्पण कर स्वागत किया गया। सम्मेलन में संत महात्माओं व बाईगणों ने भी गीता, रामायण पर सारगर्भित विचार रखें। मुंबई से आयी कबीर कैफे पार्टी ने अपने भजनों द्वारा श्रोताओं को भावविभोर कर दिया। मंच का संचालन महात्मा हरीसंतोषानंद जी ने किया।

देहरादून, ब्यूरो। भारतीय जनता पार्टी समाज कल्याण को समर्पित पार्टी है। संगठन और सरकार की ओर से निरन्तर समाजसेवा के
प्रमुख कदम उठाये जा रहे हैं। भाजपा सामाजिक न्याय पखवाड़े के तहत निरन्तर कार्य कर रही है। ये जानकारी बुधवार को भाजपा प्रदेश
प्रवक्ता विनोद सुयाल ने दी। विनोद सुयाल ने भाजपा प्रदेश मुख्यालय देहरादून में मीडिया से चर्चा करते हुए कहा कि भारतीय जनता
पार्टी प्रारंभ से ही जनता की हितेषी पार्टी रही है कोरोना महामारी के दौरान प्रधानमंत्री मोदी सरकार ने जिस तरह के से काम किये है
उसकी अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष ने भी सराहना की है।
विनोद सुयाल ने बताया कि गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत 26 मार्च 2020 से 80 करोड़ लोगों को मुफ्त राशन उपलब्ध कराया
गया। योजना का पहला चरण अप्रैल 2020 और छठा चरण सितम्बर 2022 तक चलेगा। इन योजनाओं के तहत अब तक 759 मीट्रिक
टन अनाज बांटा जा चुका है। छठे चरण का शिलान्यास अप्रैल 2022 से प्रारम्भ हो गया है। गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत 244
लाख मीट्रिक टन अनाज आबंटित किया गया है जिसकी लागत 80 हजार करोड़ रूपये है। जिसका अतिरिक्त वहन केन्द्र सरकार कर
रही है।
विनोद सुयाल ने बताया कि लगभग 10 प्रतिशत वितरण वन नेशन वन राशन कार्ड के माध्यम से हो रहा है। भले ही कोविड महामारी
अभी तक समाप्त हो गई है। उसके बाद ही यह योजना अभी जारी है तथा प्रधानमंत्री की अपेक्षा है कि कोई भी परिवार बिना भोजन के
बिस्तर पर न जाए। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत हर गरीब को 5 किलो अतिरिक्त गेहूं और चावल
यानी 10 किलो अनाज के साथ साथ 1 किलो दाल भी दी जा रही है यह अतिरिक्त खाद्यान्न प्रति व्यक्ति प्रतिमाह के आधार पर दिया जा
रहा है जो उनके नियमित मासिक राशन वाले अनाज के अलावा उन्हें प्राप्त होगा। विनोद सुयाल ने कहा कि इस योजना का उद्देश्य
गरीबों, कमजोरों तथा जरूरतमंद लाभार्थी को दिया जा रहा है ताकि उन्हें अनाज की कमी की समस्या न झेलना पड़े। अकेले उत्तराखण्ड
की जानकारी देते हुए विनोद सुयाल ने बताया कि इस योजना के तहत उत्तराखण्ड को 30676 टन सामग्री मिली है यह अपने आप में

काफी महत्वपूर्ण है। विनोद सुयाल ने कहा कि प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना से देश में गरीबी रोकने में मदद मिल रही है इस योजना
से करोना महामारी के समय में भी समाज के कमजोर वर्गों को लगातार बुनियादी सुविधाएं मिली है। सदी के सबसे भीषण महामारी में
भी हमारे किसान और आम जनता पूरी तरह सुरक्षित रही है और किसानों से इस अवसर पर रिकॉर्ड गेहूं और धान की खरीद संभव हो
पाई है जिसके लिए हमारे अन्नदाता किसान भाई बधाई के पात्र हैं उन्होंने पूरे देश के पेट पालने का कार्य किया है जो अपने आप में बहुत
महत्वपूर्ण है। इस अवसर प्रदेश सह मीडिया प्रभारी संजीव वर्मा सहित कई भाजपा के वरिष्ठ नेता उपस्थित रहे।

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